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848 पदों पर होगी भर्ती, कृषि एवंउद्यानिकी मंत्री ने किया अनुमोदनकृषकों की आय को दोगुना करना ही हमारा एक मात्र लक्ष्य : डॉ. मीणा

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यह किया अनुमोदनकृषि एवं उद्यानिकी मंत्री ने पहली बैठक में ही जल ग्रहण विकासएवं भू-संरक्षण विभाग में नवीन जिलों के गठबंधन उपरांत अभियांत्रिकीसंवर्ग के पदों के पुनर्गठन का अनुमोदन किया। अनुमोदन पश्चातअतिरिक्त मुख्य अभियंता / अतिरिक्त निदेशक के 20, अधीक्षणअभियंता/संयुक्त निदेशक के 57, अधिशाषी अभियंता / उपनिदेशक के 190 और सहायक अभियंता के 581 पद होंगे।1 हजार करोड़ फसल के नुकसान का आंकलनकृषि मंत्री ने बताया कि संकल्प पत्र में तैयार 100 दिवसीय कार्ययोजनाओं में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 1हजार करोड़ रुपए फसल के नुकसान का आंकलन एवं राहतराशि का वितरण किया जाएगा, 500 कस्टम हायरिंग केन्द्रोंकी स्थापना, पीएम कुसुम योजना के अन्तर्गत प्रदेश में मौजूदट्यूब वैलों का सौर ऊर्जा से संचालन सुनिश्चित करने के लिए5 हजार सोलर पम्प स्थापित किए जाएंगे, 27 हजार हैक्टेयरक्षेत्रफल में ड्रिप एवं मिनि स्प्रिंकलर व 54 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफलमें स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे।KNS Educationब्यूरो/नवज्योति, जयपुर । कृषि एवं उद्यानिकीमंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मंगलवार को पंतकृषि भवन में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, बीजप्रमाणीकरण संस्था और राजस्थान राज्य बीज निगमकी बैठक ली। उन्होंने 848 पदों पर भर्ती काअनुमोदन किया। डॉ. मीणा ने कृषि एवं उद्यानिकीविभाग के अधिकारियों से विभाग की क्रियान्वितकी जा रही केन्द्रीय प्रवर्तित योजनाएं प्रधानमंत्री कृषि के क्षेत्र में नवाचारों को अपनाया जाएगाकृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन,राष्ट्रीय कृषि विस्तार व तकनीकी मिशन, राष्ट्रीयटिकाऊ खेती मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना,राष्ट्रीय परम्परागत कृषि विकास योजना, राष्ट्रीयबागवानी मिशन और पीएम-कुसुम योजना कम्पोनेन्टबी के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विभागके अधिकारियों से फार्म पौण्ड, सिंचाई पाइप लाइन,डिग्गी, बीज उत्पादन एवं मिनिकिट वितरण, मिलेट्सप्रोत्साहन और तारबंदी सम्बन्धी प्रमुख गतिविधियोंकी भी जानकारी ली।डॉ. मीणा ने निर्देशित किया कि कृषकों की आय को दोगुनी करनेके लिए कृषि के क्षेत्र में नवाचारों को अपनाया जाएगा, जिससेउनकी पैदावार में बढ़ोतरी होगी और फसलों का उचित मूल्यदिलवाया जाएगा, जिससे कृषि के क्षेत्र में नवाचारों को अपनायाजाएगा। कृषकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परम्परागतखेती के स्थान पर जैविक खेती पर जोर दिया जाएगा। इसकेलिए विशेष कैम्प लगाकर कृषकों को जागरूक किया जाएगा।मिलेट्स उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मिलेट्स उत्पादों कीमेन्यूफेक्चरिंग व मार्केटिंग पर जोर दिया जाएगा। इस दौरानबैठक में विभाग के शासन सचिव डॉ. पृथ्वी, आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी सहित अन्य उपस्थित थे।

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