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भूस्खलन की रोकथाम के लिये मृदा की सफाई और हाइड्रोसीडिंग

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पारिस्थितिक रूप से नीलगिरी क्षेत्र में लगातार हो रही भूस्खलन की समस्याओं के समाधान हेतु राज्य राजमार्ग विभाग मृदा की सफाई (Soil Nailing) और हाइड्रोसीडिंग तकनीक का उपयोग करके एक स्थायी ‘हरित’ समाधान लागू कर रहा है।

  • सॉइल नेलिंग (Soil Nailing) एक भू-तकनीकी इंजीनियरिंग तकनीक है जिसमें मृदा को मजबूत करने और मृदा के कटाव को रोकने के लिये इसमें मजबूत तत्त्वों को शामिल किया जाता है।
  • सॉइल नेलिंग प्रक्रिया के बाद, ‘हाइड्रोसीडिंग’ विधि लागू की जाएगी, जिसमें घास और पौधों के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिये मृदा पर बीज, उर्वरक, जैविक सामग्री एवं जल के मिश्रण का अनुप्रयोग शामिल है।
    • भारत की कुछ स्थानीय प्रजातियों सहित घास की लगभग पाँच प्रजातियाँ ढलानों के किनारे उगाई जाएंगी।
    • हाइड्रोसीडिंग पूरी होने के बाद घास के रखरखाव की ज़िम्मेदारी राजमार्ग विभाग की होगी।
  • सॉइल नेलिंग और हाइड्रोसीडिंग के माध्यम से भूस्खलन को रोकने का यह ‘हरित’ समाधान पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील नीलगिरी क्षेत्र में सड़कों जैसे रैखिक बुनियादी ढाँचे के प्रभाव को कम करने में मदद करेगा।

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